Negative interference stop No Further a Mystery



प्रतिमा या चित्र की स्थापना:- जिस देवता से संबंधित मंत्र का जप कर रहे हैं, उनकी प्रतिमा या चित्र अपने सामने रखें। जप आरंभ करने से पहले देवता की पूजा करें।

जप शुरु करने से पहले अपनी रक्षा अवश्य करें। 

मन का तंत्र : मंत्र को सिद्ध करने के लिए पवित्रता और मंत्र के नियमों का पालन तो करना जरूरी ही है साध ही यह समझना भी जरूरी है कि मंत्र को सिद्ध करने का विज्ञान क्या है। मन को एक तंत्र में लाना ही मंत्र होता है।

साधना के समय जल का लोटा अपने पास रखें। 

तीर पतर लियो हाथ, चौसठ जोगनिया खेले पास।

जप साधना में असली शुद्ध सामग्री का ही उपयोग करें। 

रोग निवारण: शाबर मंत्रों का उपयोग भूत-प्रेत बाधा, मानसिक तनाव, और शारीरिक रोगों को दूर करने के लिए किया जाता है।

गुरु मंत्र की दीक्षा लेना अनिवार्य है।

मंत्र के द्वारा हम खुद के मन या मस्तिष्क को बुरे विचारों से दूर रखकर उसे नए और अच्छे विचारों में बदल सकते हैं। लगातार अच्छी भावना और विचारों में रत रहने से जीवन में हो रही बुरी घटनाएं रुक जाती है और अच्छी click here घटनाएं होने लगती है। यदि आप सात्विक रूप से निश्चित समय और निश्चित स्थान पर बैठक मंत्र प्रतिदिन मंत्र का जप करते हैं तो आपके मन में आत्मविश्वास बढ़ता है साथ ही आपमें आशावादी दृष्टिकोण भी विकसित होता है जो कि जीवन के लिए जरूरी है।

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इस मंत्र की खासियत ये हे की इस मंत्र को सिद्ध करके आप किसी कन्या के कान में मंत्र फूककर उसीसे सारे सवाल का जवाब ले सकते हे अगर किसी पर काला जादू हुआ हे या किया कराया हे तो आपको ये सिद्धि बहुत फलदायी साबित होती हे,ये शाबर मंत्र साधना हे और बहुत ही उपयोगी साधना हे जो लोग गद्दी लगाते हे और दुसरे के दुःख को दूर करते हे उस व्यक्ति को ये सिद्धि अवश्य करनी चाहिए,

जप काल में भोग आदि सामग्री, फल-फूल, मिठाई आदि ताजा एवं शुद्ध होनी चाहिए।

तंत्र मंत्र की उत्पत्ति के तौर पर हिंदू धर्म को जाना जाता है क्योंकि इस दुनिया का सबसे पहला धर्म हिंदू धर्म ही है और इसीलिए इस दुनिया में जो भी विद्या या फिर साधनाएं आई है उसकी उत्पत्ति हिंदू धर्म के द्वारा ही हुई है.

काली काली शामनते। ब्रह्मा की धीशु शाशु।

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